विद्या की देवी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
विद्या की देवी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 23 जनवरी 2015

"माँ सरस्वती"





ॐ श्री सरस्वती शुक्लवर्णां सस्मितां सुमनोहराम्।।
कोटिचंद्रप्रभामुष्टपुष्टश्रीयुक्तविग्रहाम्।
वह्निशुद्धां शुकाधानां वीणापुस्तकमधारिणीम्।।
रत्नसारेन्द्रनिर्माणनवभूषणभूषिताम्।
सुपूजितां सुरगणैब्रह्मविष्णुशिवादिभि:।।
वन्दे भक्तया वन्दिता च मुनीन्द्रमनुमानवै:।

आप सभी को माँ सरस्वती पूजा की हार्दिक शुभकामनायें।

शुक्रवार, 15 फ़रवरी 2013

"माँ सरस्वती वन्दना"





या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥1॥
शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌।
हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्‌
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्‌॥2॥
हे माँ वीणावादिनी
 करते है अभिनन्दन 
सातों सुरों की जन्मदात्री
दिन करते  करते है 
तुम्हारी सुमिरन।
हर जगह व्याप्त 
माया है आपकी, 
दुखियों के सर पर 
छाया है आपकी। 
हंस की सवारी
पुस्तक लिए हाथों में 
हर पल चाहत है
 दर्शन हो आपके।
आप विद्या की देवी
करुणा के सागर, 
करें प्रसार दुनिया में
सत्य बौद्धिक ज्ञान,
मैं मूढ़ अज्ञानी
नही कर  सकता 
आपके गुणों का बखान। 

                                    




You might also like :

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...